Pride IVF द्वारा विशेषज्ञ मार्गदर्शन
IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) एक अत्यंत विशेष और संवेदनशील प्रजनन उपचार है, जिसमें न केवल चिकित्सकीय सटीकता और भावनात्मक सहयोग की आवश्यकता होती है, बल्कि सही जीवनशैली और आहार संबंधी निर्णय भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं।
Pride IVF में हम यह मानते हैं कि उन्नत तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों के साथ-साथ स्वस्थ और संतुलित आहार IVF की सफलता दर को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।
IVF उपचार के दौरान कुछ खाद्य पदार्थ हार्मोनल संतुलन, अंडों की गुणवत्ता, शुक्राणुओं के स्वास्थ्य और भ्रूण के इम्प्लांटेशन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। इसलिए यह जानना बहुत ज़रूरी है कि IVF के दौरान किन खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए, ताकि सफलता की संभावना बढ़ाई जा सके।
IVF उपचार के दौरान आहार का महत्व
IVF प्रक्रिया में हार्मोनल स्टिमुलेशन, अंडाणु (ओसाइट) संग्रह, निषेचन और भ्रूण प्रत्यारोपण (एम्ब्रियो ट्रांसफर) शामिल होते हैं। इस दौरान शरीर को सर्वोत्तम पोषण की आवश्यकता होती है।
अस्वस्थ या अनुचित भोजन निम्नलिखित समस्याएँ पैदा कर सकता है:
- हार्मोनल असंतुलन
- शरीर में सूजन (इन्फ्लेमेशन) बढ़ना
- अंडों और शुक्राणुओं की गुणवत्ता प्रभावित होना
- भ्रूण इम्प्लांटेशन की सफलता कम होना
इसी कारण Pride IVF के विशेषज्ञ IVF से पहले और उसके दौरान कुछ खाद्य पदार्थों से परहेज करने की सलाह देते हैं।
- प्रोसेस्ड और जंक फूड
IVF उपचार के दौरान पैकेज्ड स्नैक्स, फास्ट फूड, इंस्टेंट मील्स, बर्गर, पिज़्ज़ा और चिप्स से बचना चाहिए।
क्यों बचें?
इन खाद्य पदार्थों में ट्रांस फैट, कृत्रिम प्रिज़रवेटिव्स और अत्यधिक नमक होता है, जो शरीर में सूजन बढ़ाता है और हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ता है। इससे IVF की सफलता दर कम हो सकती है।
- मिठाइयाँ और अधिक शर्करा वाले खाद्य पदार्थ
केक, पेस्ट्री, मिठाइयाँ, चॉकलेट और मीठे पेय पदार्थ प्रजनन क्षमता के लिए हानिकारक होते हैं।
IVF पर प्रभाव:
- ब्लड शुगर का अचानक बढ़ना
- इंसुलिन रेसिस्टेंस
- हार्मोनल असंतुलन
अधिक शर्करा का सेवन विशेष रूप से PCOS से पीड़ित महिलाओं में अंडों की गुणवत्ता और इम्प्लांटेशन की संभावना को कम कर सकता है।
- अत्यधिक कैफीन का सेवन
IVF उपचार के दौरान कैफीन का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
सीमित या परहेज करें:
- दिन में एक कप से अधिक कॉफी
- एनर्जी ड्रिंक्स
- तेज़ चाय
कारण:
अधिक कैफीन गर्भाशय में रक्त प्रवाह को कम कर सकता है, जिससे भ्रूण के इम्प्लांटेशन में कठिनाई हो सकती है।
- शराब का सेवन
IVF उपचार के दौरान पुरुष और महिला दोनों को शराब का सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए।
IVF में शराब के नुकसान:
- अंडों और शुक्राणुओं की गुणवत्ता में कमी
- हार्मोनल असंतुलन
- गर्भपात का जोखिम बढ़ना
Pride IVF में IVF उपचार के दौरान “नो-अल्कोहल पॉलिसी” का सख्ती से पालन करने की सलाह दी जाती है।
- अधिक पारे (Mercury) वाली मछलियाँ
कुछ मछलियों में पारे की मात्रा अधिक होती है, जो IVF के दौरान हानिकारक हो सकती है।
इन मछलियों से बचें:
- शार्क
- स्वॉर्डफिश
- किंग मैकेरल
- टाइलफिश
अधिक पारा भ्रूण के विकास को प्रभावित कर सकता है और प्रारंभिक गर्भावस्था में समस्या पैदा कर सकता है।
- अपाश्चुरीकृत (Unpasteurized) डेयरी उत्पाद
कच्चे दूध से बने सॉफ्ट चीज़ जैसे फेटा, ब्लू चीज़ और ब्रि से परहेज करना चाहिए।
क्यों?
इनमें लिस्टेरिया जैसे हानिकारक बैक्टीरिया हो सकते हैं, जो संक्रमण पैदा कर सकते हैं और इम्प्लांटेशन व शुरुआती गर्भावस्था को प्रभावित कर सकते हैं।
- अत्यधिक सोया उत्पाद
सोया मिल्क, टोफू, सोया चंक्स और अन्य सोया उत्पाद सीमित मात्रा में ही लेने चाहिए।
कारण:
सोया में फाइटोएस्ट्रोजेन होता है, जो शरीर में एस्ट्रोजेन हार्मोन की नकल करता है और IVF में दी जाने वाली दवाओं के प्रभाव को प्रभावित कर सकता है।
- रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट
सफेद ब्रेड, सफेद चावल, पास्ता और बेकरी उत्पादों का सेवन सीमित करें।
IVF पर प्रभाव:
- ब्लड शुगर में अचानक उतार-चढ़ाव
- हार्मोनल नियंत्रण प्रभावित होना
- अंडों की गुणवत्ता में कमी
IVF के दौरान साबुत अनाज (Whole Grains) बेहतर विकल्प होते हैं।
- तले हुए और अत्यधिक तैलीय खाद्य पदार्थ
गहरे तले हुए स्नैक्स और अधिक तेल वाले भोजन से बचना चाहिए।
क्यों बचें?
ये शरीर में सूजन बढ़ाते हैं, पाचन को धीमा करते हैं और मेटाबॉलिक व हार्मोनल स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाते हैं, जो IVF की सफलता के लिए आवश्यक है।
- कृत्रिम मिठास (Artificial Sweeteners)
डाइट सोडा और शुगर-फ्री उत्पादों में मौजूद कृत्रिम मिठास हार्मोनल और मेटाबॉलिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है।
प्रभाव:
ये रसायन प्रजनन हार्मोन और संपूर्ण फर्टिलिटी स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
प्रश्न–उत्तर – Pride IVF
प्रश्न 1: क्या IVF के दौरान जंक फूड पूरी तरह बंद करना चाहिए?
उत्तर:
हाँ। Pride IVF में हम IVF उपचार के दौरान जंक फूड से पूरी तरह परहेज करने की सलाह देते हैं। कभी-कभार लिया गया भोजन चल सकता है, लेकिन नियमित सेवन IVF परिणामों को प्रभावित कर सकता है।
प्रश्न 2: क्या IVF उपचार के दौरान कॉफी पी जा सकती है?
उत्तर:
सीमित मात्रा में (दिन में एक छोटी कप) कैफीन सामान्यतः सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन अधिक कैफीन से बचना चाहिए। हमेशा अपने फर्टिलिटी विशेषज्ञ की सलाह का पालन करें।
प्रश्न 3: क्या अधिक शुगर IVF की सफलता को प्रभावित करती है?
उत्तर:
हाँ, अधिक शुगर हार्मोनल असंतुलन और अंडों की खराब गुणवत्ता का कारण बन सकती है, जिससे इम्प्लांटेशन की संभावना कम हो सकती है।
प्रश्न 4: IVF के दौरान शाकाहारी आहार बेहतर है या नहीं?
उत्तर:
शाकाहारी और मांसाहारी दोनों प्रकार के आहार IVF के लिए उपयुक्त हो सकते हैं, बशर्ते वे संतुलित, पौष्टिक और प्रोसेस्ड फूड से मुक्त हों।
प्रश्न 5: IVF से पहले कब से अस्वस्थ भोजन से परहेज शुरू करना चाहिए?
उत्तर:
आदर्श रूप से IVF उपचार शुरू होने से 2–3 महीने पहले अस्वस्थ भोजन से परहेज करना चाहिए, ताकि शरीर प्रजनन के लिए पूरी तरह तैयार हो सके।
निष्कर्ष
IVF एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें चिकित्सकीय विशेषज्ञता, भावनात्मक सहयोग और अनुशासित जीवनशैली तीनों का संतुलन आवश्यक होता है। हानिकारक खाद्य पदार्थों से बचकर और स्वस्थ आहार अपनाकर हार्मोन संतुलन, अंडों और शुक्राणुओं की गुणवत्ता तथा इम्प्लांटेशन की सफलता को बेहतर बनाया जा सकता है।
Pride IVF में हम अपने मरीजों को पूरी फर्टिलिटी यात्रा के दौरान मार्गदर्शन देते हैं—जहाँ उन्नत उपचार के साथ-साथ व्यक्तिगत जीवनशैली और पोषण संबंधी परामर्श भी दिया जाता है, ताकि सर्वोत्तम परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।
