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IVF ट्रीटमेंट के दौरान किन खाद्य पदार्थों से बचें – बेहतर सफलता दर के लिए

IVF ट्रीटमेंट के दौरान ज़्यादातर कपल्स का ध्यान मेडिकल प्रोसेस, दवाइयों और डॉक्टर की अपॉइंटमेंट्स पर रहता है, लेकिन डाइट भी उतनी ही ज़रूरी भूमिका निभाती है। IVF के समय आप क्या खाते हैं और किन चीज़ों से परहेज़ करते हैं, इसका सीधा असर हार्मोन बैलेंस, अंडों (Eggs) और शुक्राणुओं (Sperm) की क्वालिटी, एम्ब्रियो इम्प्लांटेशन और IVF की कुल सफलता दर पर पड़ता है।

Pride IVF के फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, IVF ट्रीटमेंट के दौरान कुछ खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना शरीर में एक हेल्दी एनवायरनमेंट तैयार करता है, जिससे गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है।
चाहे आप IVF की शुरुआत कर रहे हों या पहले से किसी साइकिल में हों, सही डाइट को अपनाना—खासकर free ivf consultation और पर्सनलाइज़्ड केयर के साथ—बेहतर रिज़ल्ट देने में मदद करता है।

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IVF के दौरान कुछ खाद्य पदार्थों से बचना क्यों ज़रूरी है?

IVF एक बहुत ही सेंसिटिव और ध्यानपूर्वक मॉनिटर की जाने वाली प्रक्रिया है। इसमें हार्मोनल स्टिमुलेशन, एग रिट्रीवल, फर्टिलाइज़ेशन और एम्ब्रियो ट्रांसफर जैसे स्टेप्स शामिल होते हैं, जिनके लिए शरीर का अंदरूनी संतुलन बेहद ज़रूरी होता है।

कुछ गलत खाद्य पदार्थ:

  • हार्मोनल बैलेंस बिगाड़ सकते हैं
  • शरीर में सूजन (Inflammation) बढ़ा सकते हैं
  • एग या स्पर्म की क्वालिटी कम कर सकते हैं
  • एम्ब्रियो इम्प्लांटेशन को प्रभावित कर सकते हैं

इसी वजह से फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स IVF के दौरान डाइट में बदलाव की सलाह देते हैं, खासकर उन कपल्स के लिए जो affordable ivf treatment के साथ बेहतर सफलता दर चाहते हैं।

IVF ट्रीटमेंट के दौरान किन खाद्य पदार्थों से बचें

  1. प्रोसेस्ड और जंक फूड

पैकेज्ड स्नैक्स, फास्ट फूड, फ्रोज़न और इंस्टेंट फूड में ट्रांस फैट, ज़्यादा नमक और प्रिज़र्वेटिव्स होते हैं।

क्यों बचें?
ये शरीर में सूजन बढ़ाते हैं और हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़ते हैं, जिससे ओवरी रिस्पॉन्स और इम्प्लांटेशन प्रभावित हो सकता है।

बचने योग्य उदाहरण:

  • चिप्स, बर्गर, पिज़्ज़ा
  • इंस्टेंट नूडल्स
  • पैकेज्ड बेकरी आइटम्स
  1. मैदा और रिफाइंड शुगर

ज़्यादा शुगर लेने से इंसुलिन लेवल अचानक बढ़ता है, जिससे रिप्रोडक्टिव हार्मोन प्रभावित होते हैं—खासतौर पर PCOS से पीड़ित महिलाओं में।

परहेज़ करें:

  • व्हाइट ब्रेड
  • केक, पेस्ट्री
  • ज़्यादा मीठी मिठाइयाँ और कैंडी

अधिक शुगर का सेवन खराब एग क्वालिटी और कम इम्प्लांटेशन रेट से भी जुड़ा हुआ है।

  1. ज़्यादा कैफीन

एक हल्का कप चाय या कॉफी कभी-कभार ठीक है, लेकिन IVF के दौरान कैफीन को सीमित करना ज़रूरी है।

सीमित या अवॉयड करें:

  • स्ट्रॉन्ग कॉफी
  • एनर्जी ड्रिंक्स
  • ज़्यादा चाय और कोला

ज़्यादा कैफीन गर्भाशय में ब्लड फ्लो कम कर सकती है, जिससे एम्ब्रियो इम्प्लांटेशन प्रभावित होता है।

  1. शराब और स्मोकिंग (पूरी तरह से बंद करें)

शराब और सिगरेट IVF की सफलता के सबसे बड़े दुश्मन माने जाते हैं।

ये:

  • एग और स्पर्म के DNA को नुकसान पहुँचाते हैं
  • फर्टिलाइज़ेशन रेट कम करते हैं
  • मिसकैरेज का खतरा बढ़ाते हैं

IVF साइकिल के दौरान इनका सेवन पूरी तरह से मना किया जाता है।

  1. हाईमर्करी सीफूड

सी-फूड हेल्दी होता है, लेकिन कुछ मछलियों में मर्करी की मात्रा ज़्यादा होती है, जो IVF के दौरान नुकसानदायक है।

बचें:

  • शार्क
  • स्वॉर्डफिश
  • किंग मैकेरल

मर्करी एम्ब्रियो के विकास और प्रेग्नेंसी पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

  1. अनपाश्चराइज़्ड और कच्चा खाना

IVF के दौरान हार्मोनल दवाइयों की वजह से इम्युनिटी थोड़ी कम हो सकती है।

अवॉयड करें:

  • बिना उबला दूध या चीज़
  • कच्चे अंडे
  • अधपका मांस या मछली

ये इंफेक्शन का रिस्क बढ़ाते हैं, जो IVF की सफलता को प्रभावित कर सकता है।

  1. ज़्यादा सोया प्रोडक्ट्स

सोया में फाइटोएस्ट्रोजन होता है, जो ज़्यादा मात्रा में लेने पर हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़ सकता है।

ज़्यादा मात्रा में लें:

  • सोया मिल्क
  • सोया प्रोटीन सप्लीमेंट्स

कम मात्रा में सोया आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है।

किन हेल्दी विकल्पों पर ध्यान दें

गलत खाद्य पदार्थों की जगह इन पर फोकस करें:

  • ताज़े फल और सब्ज़ियाँ
  • साबुत अनाज
  • हेल्दी फैट्स (नट्स, बीज, ऑलिव ऑयल)
  • लीन प्रोटीन (अंडे, दालें, लो-मर्करी मछली)

यह संतुलित डाइट IVF के दौरान एग और स्पर्म क्वालिटी को बेहतर बनाती है।

डाइट के साथ ज़रूरी लाइफस्टाइल टिप्स

  • रोज़ 8–10 गिलास पानी पिएँ
  • 7–8 घंटे की अच्छी नींद लें
  • योग और मेडिटेशन से तनाव कम करें
  • देर रात जागने और ज़्यादा स्क्रीन टाइम से बचें

Pride IVF में मरीजों को मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ-साथ लाइफस्टाइल और न्यूट्रिशन काउंसलिंग भी दी जाती है, जिसकी शुरुआत अक्सर free ivf consultation से होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Q&A)

Q1. क्या डाइट सच में IVF की सफलता दर को प्रभावित करती है?
हाँ। डाइट का सीधा असर हार्मोन, एग और स्पर्म क्वालिटी तथा इम्प्लांटेशन पर पड़ता है। गलत खाद्य पदार्थों से बचने पर IVF के रिज़ल्ट बेहतर होते हैं।

Q2. क्या IVF के दौरान कैफीन पूरी तरह से बंद करनी होती है?
पूरी तरह नहीं, लेकिन सीमित मात्रा में। कभी-कभार हल्की चाय या कॉफी ली जा सकती है।

Q3. जंक फूड छोड़ने से एग क्वालिटी बेहतर होती है?
बिल्कुल। पोषक तत्वों से भरपूर और साफ-सुथरी डाइट एग डेवलपमेंट और फर्टिलाइज़ेशन रेट को बेहतर बनाती है।

Q4. क्या IVF के दौरान पुरुषों को भी डाइट फॉलो करनी चाहिए?
हाँ। पुरुषों की डाइट स्पर्म क्वालिटी, DNA इंटेग्रिटी और फर्टिलाइज़ेशन पर असर डालती है। IVF दोनों की जर्नी है।

Q5. क्या IVF ट्रीटमेंट के दौरान डाइट गाइडेंस मिलती है?
हाँ। Pride IVF जैसी क्लिनिक्स मेडिकल केयर के साथ न्यूट्रिशन गाइडेंस भी देती हैं, ताकि मरीजों को affordable ivf treatment के साथ बेहतरीन केयर मिल सके।

अंतिम विचार

IVF की सफलता सिर्फ मेडिकल साइंस पर निर्भर नहीं करती—आपकी रोज़मर्रा की खानपान की आदतें भी उतनी ही अहम होती हैं। प्रोसेस्ड फूड, ज़्यादा शुगर, शराब, कैफीन और असुरक्षित खाद्य पदार्थों से दूरी बनाकर IVF के नतीजों को काफ़ी हद तक बेहतर किया जा सकता है।

एक्सपर्ट गाइडेंस, पर्सनलाइज़्ड ट्रीटमेंट प्लान और free ivf consultation जैसी सुविधाओं के साथ Pride IVF कपल्स को सफल पैरेंटहुड की ओर सही फैसले लेने में मदद करता है।
याद रखें—आज की छोटी-छोटी डाइट चेंजेज़, कल के सफल IVF की नींव बन सकती हैं

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